जोधपुर, 17 अक्टूबर (न्यूज़ एजेंसी)। कमिश्नरेट की लूणी थाना पुलिस ने अदालत के आदेश के बाद भी गैंगरेप मामले की शून्य एफआईआर दर्ज नहीं की है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या 04, जोधपुर महानगर ने करीब दस दिन पहले पुलिस को गैंगरेप की एफआईआर दर्ज किये जाने के आदेश दिए थे।
पीडि़ता की अधिवक्ता कान्ता राजपुरोहित, कौशल शर्मा, प्रद्युम पटेल एवं गुलशन गहलोत ने न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत कर बताया कि पीडि़ता अपने पति के साथ पूना में रहती है। वहां तीन माह पूर्व सोहेल नामक युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया और किसी को घटना के बारे में बताने पर उसे व बच्चों को जान से मारने की धमकी दी। वह धमकी देकर उसके साथ बार-बार दुष्कर्म करता रहा।
गत 11 सितंबर को सोहेल के साथ कालू ने भी उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर समाज में बदनाम करने और बच्चों को जमीन में जिन्दा गाड़ देने की धमकी दी। डर के मारे किराये का मकान खाली कर पूना से जोधपुर रहे थे तब 29 सितंबर को बस से रवाना होते ही रास्ते में दिलदार लगातार फोन कर मुकदमा नहीं करने के लिए डराता-धमकाता रहा, करीब 50-60 लोगों के साथ अभियुक्तगण इक्कठे हुए, जिन्होंने बस को रोकने का भरसक प्रयास किया लेकिन ड्राइवर ने बस सदर थाना, पाली ले जाकर रोकी, जहां पर परिवादीया व उसके पति ने पूरी रात डर के मारे थाने में बिताई।
सुबह परिवार के सदस्यों के लेने आने पर वह 30 सितंबर को जोधपुर आए। इसके पश्चात् परिवादीया अपने पति के साथ पुलिस थाना लूणी पहुंची जहां एफआईआर दर्ज करने की गुहार लगाई लेकिन घटना स्थल बाहर होने का कहकर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इस पर कोर्ट में परिवाद प्रस्तुत किया गया। तिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या 04, जोधपुर महानगर ने परिवाद पर सुनवाई कर गत सात अक्टूबर को पुलिस थाना लूणी को जीरो एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए लेकिन दस दिन बीतने के पश्चात् भी पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
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